गुरुवार, 2 मार्च 2017

हद हो गई! कुपोषितों को बरामदे में कर दिया शिफ्ट, साफ-सफाई का बहाना बनाकर जिम्मेदार कर रहे मनमानी

जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र का मामला
 
जांजगीर-चांपा. जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र बरामदे में संचालित हो रहा है। वार्ड की सफाइ के चक्कर में पोषण पुनर्वास केन्द्र के बच्चों को अन्य कमरों में शिफ्ट करने के बजाए बरामदे में ठहराया जा रहा है। ऐसे में दूर दराज से बच्चों के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों के मामले में गंभीर नहीं है। जिले में कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए जिला अस्पताल सहित सक्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल विकास योजना के तहत पोषण पुनर्वास केन्द्रों में लाखों रूपए खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन कुपोषित बच्चों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। कुपोषित बच्चों को बेहतर देखभाल की सुविधा मुहैया कराने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के तहत सभी ब्लाकों के परियोजना अधिकारियों को निर्धारित तिथि तक अतिकुपोषित व मध्यम कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। हर परियोजना से पांच कुपोषित बच्चे पोषण पुनर्वास केन्द्र पहुंचेंगे। जिला अस्पताल में पामगढ़ व अकलतरा ब्लाक के 11 कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया गया है। वार्ड की सफाई के चक्कर में पोषण पुनर्वास केन्द्र के बच्चों को अन्य कमरों में शिफ्ट करने के बजाए बरामदे में ठहराया जा रहा है। ऐसे में दूर-दराज से बच्चों के परिजनों को पूरे दिन भर बरामदे में बैठकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुधार कार्य चल रहा
पोषण पुनर्वास केन्द्र का  रंगरोगन व सुधार कार्य चल रहा है। इसके चलते बच्चों व परिजनों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्य पूर्ण होने पर शीघ्र ही बच्चों को व
-डॉ. बीएस चंदेल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल जांजगीर
हां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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