मंगलवार, 2 मई 2017

जब महिलाएं हुई उग्र तो सीईओ बोले-घर-घर जाकर बांटेंगे पेंशन, आक्रोशित महिलाओं ने किया हंगामा

डोलनारायण @ डभरा. ग्राम जवाली में मंगलवार को आयोजित समाधान शिविर में मौजूद अफसरों के बीच उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब पिछले आठ माह से निराश्रित पेंशन नहीं मिलने की बात को लेकर दर्जनों महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं के उग्र रूप को देखकर अफसर सन्न रह गए। शिविर में उपस्थित जनपद सीईओ ने बुधवार को घर-घर जाकर पेंशन वितरित करने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

डभरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम जवाली में 2 मई को समाधान शिविर लगाया गया, जिसमें ग्राम पंचायत जवाली के 78 निराश्रितों को पिछले आठ माह से पेंशन राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा जोरशोर से उठा। ग्राम जवाली की मोहनमती चौहान, शारदा खूंटे, उत्तम बाई सिदार, चन्द्रमती सारथी, ज्ञान बाई आनंद, कौशिल्या साहू, सोनाबाई यादव, एतवारा बाई, तीजमती, घानामती, ताराबाई, शीतकुंवर, भोजली बाई, गुरबारी, बहारतीन, सुशीला बाई, बुधियारीन, कुमारी चौहान, बाला राम सिदार, चमरू यादव, सुशीला आदि ने शिविर में मौजूद अफसरों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि एक तरफ जहां सरकार ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों के निदान की बात करती है, वहीं उन्हें पिछले आठ माह से पेंशन भुगतान नहीं किया गया है। महिलाओं ने लोक सुराज अभियान के औचित्य पर सवाल उठाए। 

इससे शिविर में मौजूद अफसर सकते में आ गए। मौके पर उपस्थित जनपद सीईओ नीतेश कुमार उपाध्याय ने आक्रोशितों को शांत कराने का प्रयास करते हुए सचिव द्वारा 3 मई को घर-घर जाकर हितग्राहियों को पेंशन बांटे जाने का आश्वासन दिया गया, जिस मोहनमती, उत्तम बाई, सोना बाई ने कहा कि हमेशा पेंशन मांगने पर कल-परसों देने की बात कही जाती है, लेकिन आज 8 महीने से पेंशन अप्राप्त है, जिससे उन्हें जीवन-यापन करने एवं इलाज करवाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

राशि गबन करने की आशंका

शिविर में पहुंची महिलाओं ने बताया कि उन्हें शंका है कि उनके हिस्से की पेंशन राशि जनपद सीईओ ने आहरित कर डकार ली है। संभवत: इसलिए उन्हें पेंशन भुगतान नहीं हो रहा है। मंच पर बैठे विधायक प्रतिनिधि हेमन्त पटेल ने सीईओ उपाध्याय को बुलाकर माइक पर पेंशनधारियों का पेंशन कब देंगे, यह सवाल किया। इस पर सीईओ उपाध्याय ने कहा कि तीन मई को पेंशनधारियों का लंबित पेंशन सचिव के माध्यम से दिया जाएगा। इसी बीच बालाराम सिदार ने टिप्पणी की कि हमेशा समय पर भुगतान करने की बात कहते हैं और आज आठ माह से हितग्राहियों को पेंशन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सीईओ का वेतन आठ माह विलंब से मिलता तो क्या करते? इतना सुनकर सीईओ की बोलती बंद हो गई।

शिविर की निभाई औपचारिकता

शिविर में उपस्थित पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. कर्ष ने बकरी पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन के लिए लोन के आवेदनों के बारे में बैंकों में आवेदन करने के लिए कहा। आवास के लिए पट्टा की मांग करने वाले आवेदकों को एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा पट्टा दिया गया और उज्जवला के तहत हितग्राहियों को गैस सिलेण्डर एवं चूल्हा वितरण किया एवं अन्य किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। मात्र विभागों को प्रस्ताव करके भेज दिया गया और कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।  समाधान शिविर में ग्राम पंचायत सकराली की पंच लक्ष्मीन बाई के पति अभयराम ने माइक पर कहा कि मनरेगा के तहत् उनके द्वारा कार्य किया गया था, जिसकी मजदूरी की राशि आज पर्यन्त उसे नहीं मिली है, जबकि 26 फरवरी के आवेदन संकलन शिविर में उसे अपनी मांग से संबंधित आवेदन पेश किया था। 

समाधान नहीं, समस्या शिविर

समाधान शिविर में आए हुए ज्यादातर ग्रामीणों ने बताया कि यह समाधान शिविर न होकर समस्याओं को बढ़ाने वाला शिविर है। यह बात अन्यत्र ग्रामों से आए हुए लोगों द्वारा कही गई। साथ ही यह कहा कि शादी विवाह जैसे व्यस्त कार्यक्रम को छोडक़र आने का कोई लाभ नहीं मिला। ग्राम पंचायत जवाली के आश्रित ग्राम पूरेना से पहुंचे वरिष्ठ कृषक दयाराम खुंटे व साथी ग्रामीणों द्वारा शिविर में पानी, हवा, बैठक व्यवस्था आदि ठीक ढंग से नहीं होने का आरोप लगाया गया। वहीं शिविर में ग्राम पंचायत जवाली के सरपंच को लोग ढूंढते नजर आए।

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