बुधवार, 3 मई 2017

बम्हनीडीह सरपंच ने ईंट भट्ठे के लिए किराए पर दिया निस्तारी तालाब, सुप्रीम कोर्ट के फरमान की उड़ाई धज्जियाँ

एक्सीवेटर से तालाब के पार को काटकर अवैध रूप से ईंट बनवा रहा भट्ठा संचालक

 

जांजगीर-चांपा. बम्हनीडीह सरपंच और उसके बड़बोले पति ने चंद रुपयों की लालच में आकर एक निस्तारी तालाब को ईंट भट्ठा लगाने के लिए किराए पर दे दिया है। सरपंच का दावा है कि पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित कर संबंधित को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी गई है। भट्ठा संचालक तालाब और उसके पार की अवैध रूप से खुदाई करवाकर लाखों की संख्या में ईंट बनवा रहा है। विकासखंड मुख्यालय में कई वरिष्ठ अफसर पदस्थ होने के बावजूद ईंट भट्ठा संचालक सारे नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए है। इससे प्रशासन एवं खनिज विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

वर्तमान में जिले भर में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। किसी ने खेत में भट्ठा लगाया है तो कोई सरकारी जमीन में भट्ठा लगाकर मोटी रकम कमा रहा है। विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में तो ईंट भट्ठा लगाने सारे नियम-कायदों को ताक पर रख दिया गया है। दरअसल, बम्हनीडीह बस्ती के बाहर एक निस्तारी तालाब स्थित है, जो गर्मी की वजह से वर्तमान में पूरी तरह सूख गया है। मुख्य मार्ग से गुजरते समय यह तालाब आसानी से नजर नहीं आता। आसपास पेड़ और मकान होने से इस तालाब पर बाहरी लोगों की नजर तक नहीं पड़ती, जिसका सरपंच और उसके पति ने पूरा फायदा उठाया है। बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाते हुए इस तालाब को ईंट भट्ठा लगाने के लिए किराए पर दे दिया है। 

बताया जा रहा है कि सरपंच ने इस तालाब में ईंट भट्ठा लगवाने के लिए ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित किया है, जिसके आधार पर तालाब में भट्ठा लगाने ग्राम के ही बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति को खुली छूट दी गई है। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को जब कुछ मीडियाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तो वहां कई चौंकाने वाली बाते सामने आई। पूछताछ में पता चला कि बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने बसंत कुम्हार नामक जिस व्यक्ति को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी है, उस अवैध कारोबार का संचालन असल में बम्हनीडीह निवासी मिट्ठू जायसवाल और उसका पुत्र कर रहा है। बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति केवल मोहरा है, जबकि वास्तव में तालाब में लगे सारे भट्ठे मिट्ठू जायसवाल और उसके पुत्र के हैं। सरपंच और उसके पति के संरक्षण में पिता-पुत्र ने कायदे-कानून और सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन्होंने तालाब के चारों ओर पार को एक्सीवेटर से कटवा दिया है, जिससे निकली मिट्टी का उपयोग ईंट तैयार करने में किया जा रहा है। तालाब के भीतर अवैध रूप से बोर उत्खनन भी करवाया गया है, जिसके पानी से ईंट बनवाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, ईंट पकाने के लिए यहां चोरी के कोयले को धड़ल्ले से खपाया जा रहा है। 

बुधवार की दोपहर तालाब के भीतर संचालित ईंट भट्ठे में कुछ मीडियाकर्मियों के पहुंचकर फोटोग्राफ्स लिए जाने की खबर जैसे ही भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल के पुत्र तक पहुंची, वह तत्काल वहां पहुंचा। पहले तो उसने खुद को ईमानदार बताते हुए नियमों के तहत भट्ठा संचालित होने की बात कही, लेकिन जब उसकी दाल नहीं गली तो वह सेटिंग करने लगा। भट्ठा संचालक के पुत्र ने मौके पर सरपंच पति टीमन सिंह राज को भी बुलवा लिया और उससे सिफारिश कराई, लेकिन बात नहीं बनता देख वह खुद के गरीब होने की दुहाई देते हुए किसी तरह मामले को रफा-दफा करने की मिन्नतें करने लगा। मगर मीडियाकर्मियों के आगे उसकी एक न चली, तब सरपंच पति टीमन सिंह राज ने कहा कि तालाब के भीतर संचालित भट्ठा अवैध नहीं है। इसके लिए बकायदा पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है। 

उसने यह भी कहा कि कोई अफसर आ जाए, ईंट भट्ठा संचालक का कुछ बिगाड़ नहीं सकता। इतना कहकर सरपंच पति टीमन सिंह राज वहां से चला गया। इसके बाद भी भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल का पुत्र काफी देर तक इस मामले को मीडिया तक नहीं लाने की गुहार लगाता रहा। इस पूरे वाक्ये में एक बात यह सामने आई कि भट्ठा संचालक ने अवैध कारोबार को अंजाम देने स्थानीय अफसरों से तगड़ी सेटिंग कर रखी है। वहीं खनिज विभाग के अफसरों को मुंहमांगी रकम दी गई है, तभी तो मुख्य मार्ग में स्थित तालाब के भीतर अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालित होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर आंखों में काली पट्टी बांधकर धृतराष्ट बने हुए हैं।

कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति

बम्हनीडीह के निस्तारी तालाब में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे की शिकायत कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अफसरों तक पहुंची थी, तब खनिज निरीक्षक बंजारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे भी थे। मौका मुआयना करने के बाद टीम ने भट्ठे की सभी ईंटों को जब्त कर संचालक पर 12 हजार रुपए जुर्माना किया था। साथ ही संचालक को चेतावनी दी थी कि ईंट और वहां रखे सारे सामान उसी स्थिति में होने चाहिए, जिस स्थिति में टीम ने वहां छापा मारकर जब्ती कार्यवाही की है। भट्ठा संचालक ने जुर्माने की राशि का चालान बैंक में जमा तो करवा दिया, लेकिन टीम के वहां से जाने के चंद घंटे बाद सरपंच और उसके पति के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फिर शुरू हो गया, जो लगातार जारी है। खास बात यह है कि भट्ठे में पहुंचकर ईंटों की जब्ती बनाने वाली खनिज विभाग की टीम ने दोबारा वहां पहुंचकर वर्तमान हालात का जायजा लेना तक मुनासिब नहीं समझा है। इससे भट्ठा संचालक के हौसले बुलंद हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को चैलेंज

ग्राम पंचायत बम्हनीडीह के सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को खुला चैलेंज किया है। यही वजह है कि नियमों को ताक पर रखकर निस्तारी तालाब में अवैध ईंट भट्ठा का कारोबार जारी है। सरपंच पति टीमन सिंह राज का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के किसी आदेश-निर्देश की परवाह नहीं करता। तालाब को ईंट भट्ठा के लिए देने के संबंध में ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित हुआ है। यदि चाहें तो सूचना का अधिकार के तहत आवेदन देकर प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति ले सकते हैं। उसका यह भी कहना है कि उसकी पहुंच ऊपर तक है। वह बड़े-बड़े नेता और कई प्रशासनिक अफसरों को अपनी जेब में लेकर चलता है। यहां बताना लाजिमी होगा कि प्राकृतिक जलस्त्रोतों के संरक्षण को लेकर एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट गंभीर है और लोगों की निस्तार की समस्या को देखते हुए कलेक्टर की पहल पर नहरों के माध्यम से तालाबों को भरने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में सरपंच और उसके पति ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर चंद रूपयों की खातिर निस्तारी तालाब को ही किराए पर दे दिया है।

निश्चित रूप से कार्यवाही होगी

ईंट भट्ठे के लिए निस्तारी तालाब को किराए पर देने का अधिकार सरपंच या ग्राम पंचायत को नहीं है। निस्तारी तालाब में ईंट भट्ठा लगाना गैरकानूनी है। खनिज अधिकारी को मौके पर भेजकर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्यवाही होगी।

-डीके सिंह, अपर कलेक्टर, जांजगीर

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