जांजगीर-चांपा. जीआरपी की सजगता एवं त्वरित कार्रवाई से जिले की नौ युवतियां देह व्यापार की दलदल में धंसने से बच गई। जांजगीर की एक युवती उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेलने के लिए कोरबा-त्रिवेन्द्रम एक्सप्रेस से चेन्नई लेकर जा रही थी। इसकी सूचना जीआरपी को ऐनवक्त पर मिल गई, जिसके बाद जीआरपी ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी युवतियों को बिलासपुर में ट्रेन से उतार लिया। जांच में उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिला। बताया जा रहा है कि सभी युवतियों के परिजन को सूचना देकर बुलाया गया है। परिजनों के बयान के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।
जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर निवासी एक युवती द्वारा क्षेत्र की नौ युवतियों को देह व्यापार की दलदल में धकेलने के लिए कोरबा-त्रिवेन्द्रम एक्सप्रेस से चेन्नई ले जाने की सूचना मिली। जीआरपी को बताया गया कि ट्रेन के एस-4 व एस-7 कोच में 8 से 9 लड़कियां अकेली यात्रा कर रही हैं। उन्हें एक युवती लेकर जा रही है। जानकारी मिलते ही स्टाफ बिलासपुर के प्लेटफार्म 2 पर पहुंचा। उस समय ट्रेन खड़ी थी। पूछताछ पर युवती ने बताया कि चेन्नई में यंग ब्रांड अप्रेयल नाम की एक कंपनी है, जहां महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाई जाती है, जहां से महिलाएं परिपक्व होकर आत्मनिर्भर बनती हैं। उसने बताया कि वह युवतियों को उनकी तथा परिजनों की सहमति से चेन्नई लेकर जा रही है, लेकिन उसके पास कंपनी या श्रम विभाग का कोई दस्तावेज नहीं था। मामला संदेहास्पद होने पर सभी युवतियों को उतारा लिया गया। इसके बाद उन्हें थाने लाया गया। यहां सभी से उनके परिजन के संबंध में जानकारी ली गई। इसके बाद परिजन को सूचना देकर थाने बुलाया गया है।
तीन बार करनी पड़ी चेन पुलिंग
सूचना के बाद जैसे ही जीआरपी बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर पहुंची तो ट्रेन छूटने लगी। ऐसे में एक आरक्षक ने कोच में चढ़कर चेन पुलिंग की। इससे ट्रेन खड़ी हो गई। सभी को उतारने में समय लगा। इसके चलते तीन बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकना पड़ा।
सभी की उम्र 18 से 22 के बीच
जीआरपी के अनुसार, ट्रेन से उतारी गई युवती समेत सभी युवतियों को थाने में ही रखा गया है। सभी 18 से 22 उम्र की हैं। उनके पास किसी तरह के दस्तावेज नहीं हैं। इसलिए मामला संदेहास्पद है। पूरी तस्दीक के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। परिजन के जल्द पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद भी मामला साफ हो पाएगा।

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