शुक्रवार, 5 मई 2017

बीपीएल हितग्राहियों के लिए बुरी खबर, शक्कर में हो सकती है कटौती, मांग के अनुसार नहीं हो पा रही आपूर्ति

जांजगीर-चांपा. बीपीएल राशन कार्डधारकों को हर महीने मिलने वाले एक किलोग्राम शक्कर के कोटे को राज्य शासन ने खत्म करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न् योजना लागू होने के बाद से शक्कर के कोटे में शासन द्वारा लगातार कटौती की जा रही है। 

जानकारी के अनुसार, नागरिक आपूर्ति निगम ने मई महीने के लिए चावल का कोटा जारी कर दिया है। मगर शक्कर की आपूर्ति राशन दुकानों को नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री खाद्यान्न् योजना लागू करने के साथ ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम ने राशन कार्डधारकों की श्रेणी में बदलाव के साथ ही खाद्यान्न् आपूर्ति में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। इस योजना से एपीएल कार्डधारकों को बाहर का रास्ता दिखाने के साथ ही बीपीएल कार्डधारकों को भी समय-समय पर जोर का झटका दिया जा रहा है। पूर्व की योजनाओं पर नजर डालें तो कार्डधारकों को 25 किलोग्राम चावल व 10 किलोग्राम गेहूं की आपूर्ति की जा रही थी। गेहूं की आपूर्ति अचानक बंद कर दी गई। बीपीएल कार्डधारकों को गेहूं के बदले 35 किलोग्राम चावल देने का निर्देश जारी किया गया है। 

कुछ दिनों बाद इसमें भी बदलाव कर दिया गया। प्रति कार्ड 35 किलोग्राम चावल देने के बजाय यूनिट सिस्टम लागू कर दिया गया। वर्तमान में प्रति यूनिट सात किलोग्राम की दर से कार्डधारकों को चावल की आपूर्ति की जा रही है। शक्कर का कोटा सभी तरह की योजनाओं के लिए फिक्स कर दिया है। प्रति कार्ड एक किलोग्राम शक्कर दिया जा रहा है। बीते एक दशक के दौरान शक्कर के कोटे में राज्य शासन द्वारा तीन बार कटौती की गई है। आरंभ में प्रति कार्ड पांच किलोग्राम शक्कर की आपूर्ति की जा रही थी। वर्ष 2010 में पहली मर्तबे कटौती की गई। दो किलोग्राम कम करते हुए प्रति कार्ड तीन किलोग्राम शक्कर की आपूर्ति शुरू की गई। वर्ष 2012 में दूसरी बार कोटा करते हुए प्रति कार्ड एक किलोग्राम कर दिया। तीसरी बार कटौती के बजाय शक्कर का कोटा खत्म करने की योजना बनाई है।

हर महीने 400 टन शक्कर की खपत

नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा हर महीने जिले में करीब 400 टन शक्कर की आपूर्ति की जाती है। गरीबों को खाद्यान्न् की आपूर्ति के लिए नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा हर महीने की 2 या 3 तारीख तक राशन दुकानों को खाद्यान्न् की आपूर्ति कर दी जाती है। अप्रैल महीने में मिलने वाले शक्कर का कोटा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा महीने के आखिरी में कोटा जारी किया गया। मई के लिए अब तक राशन दुकानों को शक्कर नहीं दिया गया है।

कवर्धा शक्कर प्लांट से आपूर्ति ठप

कवर्धा शक्कर प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने का असर राशन दुकानों में देखा जा रहा है। विभाग के एक आला अधिकारी की मानें तो कवर्धा शक्कर कारखाना में जिस मात्रा में उत्पादन होना चाहिए, उतना नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र से भी शक्कर की आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए शक्कर का कोटा खत्म करने का निर्णय लिया गया है।

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