जांजगीर-चांपा. ग्राम सिल्ली के एक परिवार द्वारा 14 वर्षीय नाबालिग लडक़ी की शादी तीन मई को कवराई जा रही थी, जिसकी सूचना महिला डीएसपी को ऐनवक्त पर मिल गई। डीएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और दो मई की रात मौके पर सदलबल पहुंचकर नाबालिग की शादी रूकवा दी। महिला डीएसपी ने उसके परिजनों को समझाइश दी कि पहले वे लडक़ी को पढ़ा-लिखाकर निर्धारित उम्र पूरी कर लें, उसके बाद उसकी शादी करवाएं। महिला डीएसपी की सजगता से एक नाबालिग की शादी होते-होते टल गई।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुलमुला थाने में दो मई को सूचना मिली कि ग्राम सिल्ली में एक नाबालिग लडक़ी की शादी तीन मई को होने वाली है। सूचना पर प्रशिक्षु डीएसपी रश्मित कौर चावला ने वरिष्ठ अधिकारियों से दिशा-निर्देश प्राप्त किया। अफसरों के निर्देश पर वे महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी मीरा घाडग़े और अपनी टीम को लेकर सीधे ग्राम सिल्ली पहुंची। वहां के शंकरगिरी गोस्वामी की पुत्री हीरा गोस्वामी से पूछताछ करने पर पता चला कि उसकी उम्र चौदह साल पांच माह हो रहा है और वह कक्षा आठवीं में अध्ययनरत है। शादी के लिए निर्धारित उम्र उसने पूरी नहीं की है।
पूछताछ के बाद प्रशिक्षु डीएसपी रश्मित कौर चावला एवं परियोजना अधिकारी मीरा घाडग़े ने उसके परिजनों को समझाइश दी। उन्हें समझाया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानूनन अपराध है। बालिका को प्रशिक्षु डीएसपी रश्मित कौर चावला द्वारा अच्छे से पढऩे-लिखने की सलाह भी दी गई। साथ ही परिजनों को चार वर्ष बाद उसकी शादी करवाने की समझाइश दी गई, जिस पर परिजनों ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद नाबालिग की शादी रोक दी गई। इस दौरान ग्राम के सरपंच और कोटवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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