जांजगीर-चांपा. उद्यानिकी विभाग केला खेती करने किसान ढूंढ रहा है। खेती करने प्रेरित होने वाले किसानों के लिए हजारों रुपए का अनुदान भी रखा गया है, लेकिन किसान दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। यही वजह है कि विभाग को किसान नहीं मिल पा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उद्यानिकी विभाग को जिले में केला की खेती करने का भारी-भरकम लक्ष्य मिला है। लक्ष्य की पूर्ति और किसानों को केला खेती से जोडऩे इन दिनों उद्यानिकी विभाग केला की खेती करने वाले किसान ढूंढ रहा है। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी क्षेत्र के किसानों को केला की खेती के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि केला खेती के लिए प्रति हेक्टेयर केला फसल लगाने वाले किसानों को 37 हजार 250 रुपए का अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान पौधा के रूप में करीब 2 हजार 500 पौधा लगाने के लिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन ने किसानों को केला खेती से जोडऩे इस साल अनुदान राशि में बढ़ोतरी की है। पिछले साल यह अनुदान राशि 4 हजार से 20 हजार रुपए तक थी, जिसमें केवल 1 हजार 333 पौधे मिलते थे, जबकि इस साल अनुदान में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
क्षेत्र के किसान केला खेती से जुडक़र योजना का लाभ उठा सकते हैं। जिन किसानों के पास ड्रिप सिंचाई योजना है, ऐसे किसान आगे आ सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में कई किसान हैं, जो केला खेती से सालों पहले जुड़े है। एक बार इस खेती से जुडऩे के बाद जो लाभ मिलता है, उससे किसान का भविष्य संवर जाता है।

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