बलौदा के ठडग़ाबहरा में प्रस्तावित पारस कोलवाशरी की जनसुनवाई में जोरदार हंगामा
क्षेत्रवासियों ने एक स्वर में की नई कोलवाशरी की खिलाफत, लगाए प्रशासन मुर्दाबाद के नारे
जांजगीर-चांपा. नगरपंचायत बलौदा के वार्ड क्रमांक एक ठडग़ाबहरा में प्रस्तावित मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनुसनवाई में जोरदार हंगामा हुआ। जनसुनवाई स्थल पर तनातनी की स्थिति उस वक्त निर्मित हुई जब बलौदा नपं के वार्ड क्रमांक 10 निवासी एक पत्रकार अपना पक्ष रख रहे थे, तभी एसडीओपी वहां पहुंचे और जबरिया उनके हाथ से माइक छीन ली। इससे माहौल गरमा गया और जनसुनवाई स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोग शासन-प्रशासन और कोलवाशरी प्रबंधन के खिलाफ लामबंद हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने न केवल जोरदार हंगामा किया, बल्कि कुर्सियां पटककर और माइक तोडक़र शासन-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सभी लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावित कोलवाशरी की खिलाफत की।
दरअसल, नगर पंचायत बलौदा के वार्ड क्रमांक ठडग़ाबहरा में मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की 0.96 मिलियन टन वार्षिक क्षमता की एक कोलवाशरी प्रस्तावित है, जिसके लिए शनिवार को बलौदा के मंडी प्रांगण में पर्यावरणीय जनसुनवाई रखी गई थी। जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर डीके सिंह, पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर की क्षेत्रीय अधिकारी अनिता सावंत तथा जांजगीर एसडीएम अजय उरांव ने निर्धारित समय पर वहां उपस्थित होकर पर्यावरणीय जनसुनवाई शुरू कराई। शुरूआत में मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने कोलवाशरी के संंबंध में जानकारी दी। इसके बाद क्षेत्रवासियों को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया। इसके बाद क्षेत्रवासी एक-एक करके अपना पक्ष रखने लगे। इसी क्रम में नगर पंचायत बलौदा के वार्ड क्रमांक दस के युवा पत्रकार हितेश गौरहा अपना पक्ष रखने के लिए माइक के समक्ष पहुंचे। उन्होंने पहले से ही क्षेत्र में संचालित पांच कोलवाशरी से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानियों से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। पत्रकार गौरहा ने कहा कि कुछ माह पहले हिन्द एनर्जी की कोलवाशरी के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई हुई थी, जिसमें उपस्थित 90 फीसदी लोगों ने विरोध दर्ज करवाया था। इसके बावजूद, कोलवाशरी खोलने के लिए हिन्द एनर्जी लिमिटेड को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई, ऐसे में हम कैसे विश्वास करें कि जनसुनवाई कराने के लिए यहां पहुंचे अधिकारी बिके हुए नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग प्रदूषण की चपेट में आकर बेमौत मारे जा रहे हैं। कोलवाशरी के डस्ट से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर काल की गाल में समा रहे हैं, इसके बावजूद इस क्षेत्र को कोलवाशरी के लिए चारागाह बना दिया गया है। पत्रकार गौरहा ने कई ऐसे मुद्दे उठाए, जिससे माहौल गरमा गया और लोग शासन-प्रशासन तथा कोलवाशरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल गरमाता देख एसडीओपी पीसी राय वहां पहुंचे और पत्रकार गौरहा के हाथ से जबरिया माइक छीन ली। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने पत्रकार गौरहा के साथ धक्का-मुक्की भी की। इससे जनाक्रोश भडक़ उठा और लोगों ने एकजुटता का परिचय देते हुए जोरदार हंगामा खड़ा कर दिया। लोग उग्र रूप धरते हुए कुर्सियां पटकने लगे। वहीं कुछ लोग माइक और स्टैण्ड को तोडक़र जनसुनवाई का बहिष्कार करने लगे। मौके पर हालात ऐसे बने कि सभी लोगों ने एक स्वर में शासन-प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने मोर्चा संभाला और कई थाना क्षेत्रों के निरीक्षक के साथ जनसुनवाई स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग शांत होने को तैयार नहीं थे। लोगों का कहना था कि यह जनसुनवाई है, जहां लोगों को बोलने तथा अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन कोलवाशरी प्रबंधन से बिका हुआ पुलिस प्रशासन दादागीरी पर अमादा है। मौके पर करीब एक घंटे तक जमकर बवाल हुआ। इसके बाद किसी तरह मामला शांत भी हुआ तो शेष लोग लिखित में अपनी आपत्ति दर्ज कराकर वहां से चलते बने। कुल मिलाकर, मेसर्स पारस पावर एण्ड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड की जनुसनवाई में शुरू से अंत तक हंगामा ही हुआ।


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